भारतीय हिन्दू परिषद एक गैर राजनीतिक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, गौ रक्षा एवं राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित है। इस संगठन की स्थापना राष्ट्रप्रहरी पवनेश जी महाराज द्वारा 30 नवंबर 2022 को की गई थी।
भारतीय हिन्दू परिषद भारत के 25 से अधिक राज्यों और 4 से अधिक देशों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संगठन का मुख्य उद्देश्य सनातन हिन्दू धर्म की रक्षा, गौ माता की सेवा, युवाओं को संस्कारित करना, किसानों की सहायता, महिला सशक्तिकरण एवं समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करना है।
संगठन को आयकर विभाग (Income Tax Department) के अन्तर्गत 80G एवं 12A की छूट प्राप्त है, जिससे दानदाताओं को आयकर में छूट का लाभ मिलता है। यह संगठन पूर्णतः पारदर्शी तरीके से कार्य करता है और सभी वित्तीय लेन-देन का उचित लेखा-जोखा रखा जाता है।
भारतीय हिन्दू परिषद के अन्तर्गत 14 प्रकोष्ठ (विभाग) कार्यरत हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए समर्पित हैं। प्रत्येक प्रकोष्ठ का नेतृत्व योग्य एवं अनुभवी पदाधिकारी करते हैं।
संगठन ने अपने सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया है, जिसके माध्यम से सदस्य अपनी सदस्यता का प्रबंधन, कार्यक्रमों की जानकारी, समाचार एवं संगठन से जुड़ी सभी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, संगठन की आधिकारिक वेबसाइट bhartiyahinduparishad.com पर भी सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध है।
भारतीय हिन्दू परिषद का मूल मंत्र है — "जय गौमाता जय गोपाल" एवं "संघे शक्ति कलियुगे"। संगठन का विश्वास है कि एकता में ही शक्ति है और सनातन धर्म की रक्षा सामूहिक प्रयास से ही संभव है।
राष्ट्रप्रहरी पवनेश जी महाराज
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रप्रहरी पवनेश जी महाराज भारतीय हिन्दू परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा, गौ सेवा एवं राष्ट्र सेवा के उद्देश्य से इस संगठन की स्थापना 30 नवंबर 2022 को की।
पवनेश जी महाराज एक दूरदर्शी एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन सनातन धर्म की सेवा, गौ माता की रक्षा एवं समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। उनके नेतृत्व में भारतीय हिन्दू परिषद ने अल्प समय में ही भारत के 25 से अधिक राज्यों और 4 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
उनके मार्गदर्शन में संगठन ने गौ रक्षा, धर्म रक्षा, युवा जागरण, किसान सम्मान, महिला सशक्तिकरण जैसे अनेक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं। उनका मानना है कि सनातन धर्म की रक्षा और समाज का उत्थान केवल संगठित प्रयास से ही संभव है।
"जय गौमाता जय गोपाल" — यह उनका मूल मंत्र है जो संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को प्रेरित करता है। उनके नेतृत्व में भारतीय हिन्दू परिषद निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।
Mission, Vision & Objectives
सनातन हिन्दू धर्म की रक्षा एवं प्रचार-प्रसार करना, गौ माता की सेवा एवं संरक्षण करना, समाज के हर वर्ग को संगठित कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना तथा भारतीय संस्कृति एवं परम्पराओं को संरक्षित रखना।
एक ऐसे समाज का निर्माण जहाँ सनातन धर्म के मूल्यों का सम्मान हो, गौ माता सुरक्षित हों, युवा संस्कारित हों, किसान समृद्ध हों, महिलाएँ सशक्त हों और प्रत्येक हिन्दू गर्व से अपनी संस्कृति का पालन करे।
एकता, सेवा, समर्पण, पारदर्शिता, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति — ये हमारे मूल मूल्य हैं। हम गैर राजनीतिक, गैर लाभकारी एवं पूर्णतः सेवा भाव से कार्य करने वाला संगठन हैं।
गौ माता की रक्षा, सेवा एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करना तथा गौ हत्या के विरुद्ध जनजागरण अभियान चलाना।
सनातन हिन्दू धर्म, संस्कृति एवं परम्पराओं की रक्षा एवं प्रचार-प्रसार करना तथा धर्मान्तरण के विरुद्ध जागरूकता फैलाना।
युवाओं को संस्कारित करना, उन्हें सनातन मूल्यों से जोड़ना तथा रोज़गार एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान करना।
किसानों के अधिकारों की रक्षा, कृषि तकनीक का प्रशिक्षण एवं किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना।
महिलाओं को शिक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करना।
समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना, जातिवाद का उन्मूलन करना तथा सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित करना।
14 Organizational Wings
संगठन का केंद्रीय प्रशासनिक प्रकोष्ठ जो सम्पूर्ण संगठन का समन्वय एवं संचालन करता है।
गौ माता की रक्षा, सेवा, संवर्धन एवं गौ तस्करी के विरुद्ध कार्य करने वाला समर्पित दल।
युवाओं को संगठित कर सनातन धर्म एवं राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने वाला प्रकोष्ठ।
किसानों के हितों की रक्षा, कृषि तकनीक का प्रसार एवं किसान कल्याण हेतु कार्यरत प्रकोष्ठ।
छात्रों को संस्कारित शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं अनुशासन की शिक्षा प्रदान करने वाला प्रकोष्ठ।
छात्राओं के शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास के लिए समर्पित प्रकोष्ठ।
महिला सशक्तिकरण, महिला अधिकार एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कार्यरत प्रकोष्ठ।
किन्नर समुदाय के अधिकारों की रक्षा एवं उनके सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करने वाला प्रकोष्ठ।
सनातन धर्म की रक्षा एवं विश्व भर में धर्म प्रचार के लिए समर्पित अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ।
हिन्दू व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापार संवर्धन एवं आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाला प्रकोष्ठ।
संत-महात्माओं का समन्वय, धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने वाला प्रकोष्ठ।
कानूनी सहायता, विधिक जागरूकता एवं संगठन के सदस्यों को न्यायिक सहयोग प्रदान करने वाला प्रकोष्ठ।
भारतीय संस्कृति, कला, संगीत एवं नृत्य के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित प्रकोष्ठ।
कलाकारों को मंच प्रदान करना, कला के माध्यम से सनातन संस्कृति का प्रचार एवं कलाकारों के हितों की रक्षा करना।
Our Presence — 25+ States & 4+ Countries
राज्यों में उपस्थिति
देशों में विस्तार
प्रकोष्ठ (विभाग)
स्थापना वर्ष
Registration & Certification
भारतीय हिन्दू परिषद एक पंजीकृत (Registered) संगठन है जो भारत सरकार के नियमों के अनुसार संचालित होता है। संगठन का पंजीकरण विधिवत रूप से किया गया है।
संगठन को आयकर विभाग से 80G का प्रमाणपत्र प्राप्त है। इसके अन्तर्गत भारतीय हिन्दू परिषद को दिये गये दान पर दानदाता को आयकर में छूट प्राप्त होती है।
संगठन को 12A का प्रमाणपत्र भी प्राप्त है, जिससे संगठन की आय पर कर छूट मिलती है। यह प्रमाणपत्र संगठन की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता का प्रमाण है।
संगठन का वित्तीय संचालन "भारतीय हिंदू परिषद ट्रस्ट" के माध्यम से होता है। सभी दान एवं सदस्यता शुल्क ट्रस्ट के बैंक खाते में जमा होते हैं, जिसका पूर्ण लेखा-जोखा रखा जाता है।
भारतीय हिन्दू परिषद के सदस्य बनें और सनातन धर्म, गौ रक्षा एवं राष्ट्र सेवा के इस महान अभियान का हिस्सा बनें।